प्रयागराज जनपद के कोरांव कस्बे में लंबे समय से लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या बना जाम अब प्रशासन की प्राथमिकता बन चुका है। स्थानीय स्तर पर लगातार उठ रही शिकायतों और मीडिया में खबरें प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अब स्थिति यह है कि न केवल पुलिस तैनात की गई है, बल्कि अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
दरअसल, कोरांव के मुख्य चौराहे और बाजार क्षेत्र में रोजाना लगने वाला जाम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया था। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर दफ्तर जाने वाले लोगों तक, हर किसी को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता था। इसी समस्या को लेकर स्थानीय अखबार में लगातार खबरें छपीं, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया।
एसडीएम कोरांव संदीप तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिक्रमण हटाने का फैसला किया। वहीं, एसीपी मेजा संत प्रसाद उपाध्याय ने भी पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। इसके तहत कोरांव थाना प्रभारी को चौराहे पर पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।
मंगलवार को इस आदेश का असर साफ देखने को मिला। सुबह से शाम 5 बजे तक एक पीआरडी जवान और एक होमगार्ड की ड्यूटी चौराहे पर लगाई गई। आम दिनों की तुलना में इस दिन जाम की स्थिति काफी हद तक नियंत्रित रही। जहां पहले लोग घंटों फंसे रहते थे, वहीं अब यातायात अपेक्षाकृत सुचारु रूप से चलता नजर आया।
स्थानीय निवासियों ने भी इस बदलाव को महसूस किया और प्रशासन के इस कदम की सराहना की। लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह नियमित रूप से पुलिस की तैनाती की जाती रहे, तो जाम की समस्या से स्थायी समाधान मिल सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चौराहों और तिराहों पर पुलिस की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए।
हालांकि, केवल पुलिस तैनाती से ही समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। कोरांव में सड़कों के किनारे किए गए अतिक्रमण भी जाम का एक बड़ा कारण हैं। दुकानें, ठेले और अवैध कब्जे सड़कों को संकरा कर देते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एसडीएम ने शुक्रवार को विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की घोषणा की है।
यह अभियान न केवल सड़कों को खाली कराएगा, बल्कि लोगों को यह संदेश भी देगा कि सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर यह अभियान सफल रहता है और पुलिस की नियमित तैनाती जारी रहती है, तो कोरांव के लोगों को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
कुल मिलाकर, कोरांव में प्रशासन की सक्रियता एक सकारात्मक संकेत है। अब देखना यह होगा कि ये कदम कितने प्रभावी साबित होते हैं और क्या वास्तव में लोगों को लंबे समय तक जाम से मुक्ति मिल पाती है या नहीं।



